Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) 2022 | ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन फॉर्म

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) से सम्बंधित जानकारी

भारत को एक कृषि प्रधान देश के रूप में जाना जाता है | भारत में कृषि का प्रभाव हमेशा से ही ज्यादा रहा है | देश में बनने वाली सभी सरकारे प्रति वर्ष कोई न कोई नयी तरह की योजनाओ का आरम्भ करती रहती है | इन योजनाओ का मुख्य उद्देश्य कृषि के स्तर में सुधार लाना होता है | केंद्र सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए “Paramparagat Krishi Vikas Yojana” योजना का आरम्भ किया गया है | वर्ष 2015 में इस योजना को संचालित किया गया | देश में पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से जैविक कृषि की प्रतिमा का विकास करना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है | इससे मिट्टी की  उवर्रकता में काफी सुधार होगा|

योजना से तहत जैविक खेती को करने के लिए किसानो को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी | किसानों को सामूहिक दृष्टिकोण और पीजीएस प्रमाणन प्रणाली के आधार पर ही उन्हें वित्तीय अनुदान प्रदान किया जायेगा, तथा भागीदारी गारंटी प्रणाली (Participatory Guarantee System) के जरिये फसलों के आर्गेनिक होने की जांच के बाद ही यह वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी |

इसके लिए लगभग 500 से 1000 हेक्टेयर भूमि पर 20 से 50 किसानो का एक समूह बनाना होगा | प्रत्येक समूह को अधिकतम 10 लाख रूपए की राशि वित्तीय सहायता के रूप में प्राप्त होगी , साथ ही PGS सेर्टिफिकेट के लिए 4.95 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त होगा | योजना से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) 2022, ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन फॉर्म के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक पढ़े|

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पराम्परागत कृषि विकास योजना क्या है (Traditional Agriculture Development Scheme 2022)

इस योजना के तहत देश के किसानो को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा | योजना का तात्पर्य किसानो का स्वास्थ तथा उनकी जमीनों की उपजाऊ गुणवत्ता को बनाये रखना होगा | योजना में सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहन देते हुए किसानो को प्रशिक्षित की भी सहायता प्रदान करेगी | सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा परम्परागत तरीको का इस्तेमाल कर कृषि करने और खेतो को रसायन मुक्त उपज प्राप्त करने के लिए किया गया है | इससे भूमि की गुणवत्ता में भी सुधार होगा|

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पराम्परागत कृषि विकास योजना की विशेषताएं (PKVY Highlights)

  • देश के किसानो को जैविक खेती के प्रति प्रेरित करना |
  • योजना के तहत 50 से अधिक किसानो का समूह जैविक खेती के लिए 50 एकड़ जमीन वाले समूह का निर्माण करेंगे और इसी तरह 5 लाख एकड़ वाले को क्षेत्र का आवरण करने के लिए 3 वर्ष के अंदर लगभग 10,000 समूह जैविक खेती के अंतर्गत बनाये जायेंगे |
  • PKVY योजना में किसानो को प्रमाणन पर किसी प्रकार का कोई खर्च नहीं करना होगा |
  • 3 वर्ष के अंतराल में प्रत्येक किसान को बीज के लिए, फसलों की कटाई तथा बाजार में परिवहन उपज के लिए 20,000 रुपये की राशि को प्रति एकड़ के हिसाब से उपलब्ध कराई जाएगी |
  • योजना के उद्देश्य से पारम्परिक संसाधनों का उपयोग कर जैविक खेती को प्रोत्साहन देना तथा जैविक उत्पादों को बाजार से जोड़ना |
  • इसमें किसानो के समूह को तैयार कर जैविक उत्पादन के घरेलू उत्पादन तथा प्रमाणीकरण में वृध्दि देखने को मिलेगी|

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पराम्परागत कृषि विकास योजना का उद्देश्य

  • योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो को परंपरागत कृषि के प्रति प्रोत्साहित करना, जिससे रासायनिक खाद, कीटनाशक के उपयोग से किसानो के स्वास्थ को होने वाली हानि से सुरक्षा करना, तथा मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को नष्ट होने से बचाना |
  • इसमें किसानो को परम्परागत और वैज्ञानिक विधि द्वारा तैयार की गयी कृषि के मॉडल पर खेती से जुड़ी जानकारी से अवगत करना,साथ ही किसानों को यह फायदा होगा की वह कम लागत में अच्छी फसल पैदा कर अच्छी इनकम प्राप्त कर सकेंगे |
  • मानव रसायन मुक्त एवं पौष्टिक फसल का उपभोग कर सकेगा |
  • जैविक खेती का प्रोत्साहन कर पर्यावरण को हानिकारक कार्बनिक रसायनो से छुटकारा दिलाना |
  • किसानो के समूह को स्थानीय और राष्ट्रीय बाजार से जोड़कर किसानो को उद्दमी बनाना |
  • किसानो को PGS प्रणाली के जरिये फसलों के प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान करना |

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परंपरागत कृषि विकास योजना के लिए आवेदन

  • सबसे पहले आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://pgsindia-ncof.gov.in/PKVY/index.aspx पर जाना होगा |
  • आपके सामने कुछ इस तरह से होम पेज खुल कर आ जायेगा |
  • इस पोर्टल पर जैविक खेती, इनपुट आपूर्तिकर्ता, प्रमाणन एजेंसी (पीजीएस), और विपणन एजेंसियों में शामिल किसानों का विवरण उत्पादन से सम्बन्धित सुविधा प्राप्त करने के लिए आवेदन कर पाएंगे|
  • इस पोर्टल का उपयोग कर किसान PKVY / PGS समूह क्षमता निर्माण,  जानकारी, विपणन चैनलों, अन्य समूहों के साथ संचार और संभावित उत्पादकों और उपभोक्ताओं को उनकी उपज का प्रत्यक्ष विपणन का लाभ प्राप्त कर सकते है |
  • दिए गए निर्देशों का पालन करे, किसान से सम्बंधित जानकारी को सही – सही भरें |
  • अब फॉर्म को “सबमिट” कर दें, इस तरह से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी |

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