मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना 2023 उत्तर प्रदेश | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | UP Solar Pump Scheme


Mukhyamantri Solar Pump Yojana

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा सोलर पंप योजना उत्तर प्रदेश (Solar Pump Scheme UP 2023) का आरम्भ किया गया है| यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के किसानो के हित में आरम्भ की गयी है | यह किसानो के लिए एक बहुत ही लाभकारी योजनाओं में से एक है | वर्तमान समय में पेट्रोल और डीजल के दाम इतने ज्यादा अधिक बढ़ चुके है कि किसान खेतों में पानी डीजल इंजिन से लगाकर लाभ नहीं प्राप्त कर सकता है, और खेती में सिर्फ पानी देने की वजह से बहुत अधिक खर्च आ जाता है | इस समस्या से किसान बहुत अधिक परेशान रहते है|

इसके अलावा खेतों में पानी के लिए कई गांवों में अभी तक बिजली की समस्या बनी हुई है | जहाँ ट्यूबेल की लिए बिजली की समस्या अभी भी बनी हुई है| फसल को समय से पानी देने के लिए और किसानों को इसका कोई खर्च न उठाना पड़ें इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सोलर पंप योजना की शुरुआत करके नई सौगात दी है |

सोलर पम्प योजना का लाभ प्राप्त कर किसानो को सिंचाई व्यवस्था में लाभ होगा इससे किसानो को अधिक खर्च की जरूरत नहीं होगी | उत्तर प्रदेश के 10,000 गावो में इस सोलर पंप को लगाने की योजना बनायीं गयी है | जिसमे एक सोलर पंप के जरिये कई किसानो की समस्याओ का समाधान होगा | यदि आप भी उत्तर प्रदेश में रहते है, और इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है, तो इस पोस्ट में आपको मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना 2023 उत्तर प्रदेश, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, UP Solar Pump Scheme से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में बताया जा रहा है |

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मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना उत्तर प्रदेश (Solar Pump Scheme U.P)

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Energy Minister Shrikant Sharma) ने पांच सितम्बर को ट्वीट कर इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए लिखा था, कि किसानो को 2 से 3 हॉर्स पावर के सोलर पंप पर 70 फीसदी सब्सिडी तथा 5 हॉर्स पावर सोलर पंप पर 40 फीसदी तक सब्सिडी किसानो को प्रदान की जाएगी | प्रदेश सरकार द्वारा कृषिक्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से सोलर पंप योजना का आरम्भ किया गया है | उत्तर प्रदेश में आयोजित मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की बैठक में मोबाइल सोलर संयंत्र एवं पंप योजना को 14 मार्च 2016 में लागू किया गया था| 

इससे किसानो की सिंचाई व्यवस्था में बदलाव के साथ सोलर पंप पर किसानो को अधिक खर्च की जरूरत भी नहीं पड़ेगी | योजना में प्रदेश के लगभग 10,000 गावो को शामिल किया गया है | इसमें एक सोलर पंप के इस्तेमाल से कई किसानो को सहायता प्रदान हो सकेगी | इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने कम ऊर्जा वाले LED Bulbs, Fans, Tubelights और Air Condition को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराये है |

बिजली की किल्लत वाले इलाको में सोलर पम्प लगाकर सरकारी एजेंसियो (Government Agencies) से बोरिंग भी कराई जाएगी | इस तरह से एक गांव में सोलर पंप लगाने से कई किसानो को राहत मिल सकेगी | सरकार ने सिंचाई विभाग से प्रस्ताव बनाकर देने के लिए कहा है, जिससे जल्द से जल्द समय में सोलर पम्प योजना का पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) आरम्भ किया जा सके |

कृषि उड़ान योजना क्या है

Uttar Pradesh Solar PunpYojana 2023 – Highlights
योजना का नामउत्तर प्रदेश सोलर पंप योजना
उत्तर प्रदेश  सोलर पंप योजना का आरम्भ14 मार्च 2016
योजना की शुरुआत किसके द्वारा हुईमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
आवेदन प्रक्रियाOnline / Offline
अधिकारिक वेबसाइटhttp://upagripardarshi.gov.in/

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UP सोलर पंप योजना के लाभ (Benefits of the Plan)

  • योजना में किसानो को सिंचाई के लिए 24 घंटे सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी |
  • योजना का मुख्य उद्देश्य उन किसानो को सिंचाई के कार्य में होने वाली परेशानियों को दूर करना है जिससे किसान अपनी फसलों को अच्छे से उत्पादित कर सके |
  • सोलर पंप की एक इकाई से कई किसानो को इसका लाभ मिलेगा जिससे किसानो को उनके खेतो में सिंचाई की समस्या न हो |
  • उत्तर प्रदेश के किसानो को इस योजना का लाभ जल्द ही प्राप्त होने वाला है |

किसान पंजीकरण ऑनलाइन फॉर्म

योजना में सोलर पंप की विशेषताएं (Solar Pump Features)

  • योजना में सरकार द्वारा ऊर्जा दक्ष पम्प सेट वितरित किये जायेंगे |
  • यह सभी पम्प दो हॉर्स पावर के होंगे |
  • इसके अतिरिक्त 5 हॉर्स पावर तथा दूसरा पंप 7.5 हॉर्स पावर का भी होगा |
  • किसानो को सरकार द्वारा पम्प सेट के साथ स्मार्ट किट भी प्रदान की जाएगी |
  • इन सोलर पंपो को मोबाइल की सहायता से चलाया व् बंद किया जा सकेगा |
  • प्रदेश सरकार द्वारा ही इन पंपो के रखरखाव का खर्च वहन किया जायेगा |
  • यह पंप अन्य पंप के मुकाबले 35% कम बिजली की खपत करेगा |

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योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • बैंक पासबुक
  • पहचान पत्र (Identity Card)
  • आधार कार्ड (Adhaar Card)
  • खेती के कागजात (  खतौनी,  खतरा )
  • निवास प्रमाण पत्र (Address Proof)
  • पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size )

पीएम किसान सम्मान निधि लिस्ट

यूपी सोलर पंप योजना में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Registration Process)

  • सर्वप्रथम आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट http://upagripardarshi.gov.in/ पर लॉग इन  करना होगा |
  • अब आपके सामने वेबसाइट का Home Page खुल कर आ जायेगा |
  • इस Page में आपको सोलर पंप योजना का लिंक दिखाई देगा |
  • इस लिंक पर क्लिक करते ही आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल कर आ जायेगा |
  • इस आवेदन फॉर्म में मांगी गयी सभी जानकारियों को ठीक – ठीक भरना होगा |
  • फॉर्म की जानकारियों को ठीक से भरने के बाद सम्बंधित दस्तावेजों को संलग्न कर कार्यालय में जमा कर दे |
  • आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने आपको इसका लाभ प्राप्त होगा |

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सौर्य उर्जा के घटक

सौर ऊर्जा (Solar Energy) को ऊर्जा के सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय स्रोतों में से एक माना है, जिसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है और इसमें कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए किसानों को वित्तीय और जल सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास के साथ भारत सरकार ने इसकी स्थापना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं|

इस योजना को तीन अलग-अलग घटकों में विभाजित किया गया है | स्टैंडअलोन सौर पंपों की स्थापना, ग्रिड से जुड़े पंपों का सौरकरण और ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों को चालू करना। इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा वर्ष 2022 तक 25,750 मेगावाट की संयुक्त सौर क्षमता (तीनों घटक) को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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नई योजना के घटक

इस योजना के कुल तीन मुख्य घटक इस प्रकार है-

1.घटक – ए500 किलोवाट से 2 मेगावाट
2.घटक – बीडीजल से चलने वाले कृषि पंपों को बदलने के लिए 7.5 एचपी तक की क्षमता वाले 17.50 लाख स्टैंडअलोन सौर ऊर्जा संचालित पंप
3.घटक – सी7.5 एचपी व्यक्तिगत पंप क्षमता वाले 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलराइज किया जाएगा।

1. घटक ए और इसका कार्यान्वयन

  • व्यक्तिगत किसान, पंचायत, सहकारी समितियाँ, किसान उत्पादक संगठन (FPO) 500 kW से 2 MW तक की क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। विशिष्ट मामलों में वितरण कंपनियां (DISCOMs) 500 किलोवाट से कम क्षमता वाले संयंत्रों की स्थापना की अनुमति दे सकती हैं।
  • साथ ही सब-ट्रांसमिशन लाइनों की लागत को कम रखने के लिए सब स्टेशनों के 5 किमी के दायरे में सोलर प्लांट लगाने को प्राथमिकता दी जाती है।
  • डिस्कॉम द्वारा सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली खरीदेगी।
  • प्रत्येक राज्य का राज्य विद्युत नियामक आयोग (SERC) फीड-इन-टैरिफ (FIT) निर्धारित करता है, जिस पर डिस्कॉम बिजली खरीद सकती है। 25 वर्ष के लिए एक पीपीए (बिजली खरीद समझौता) भी उनके द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।
  • यदि उत्पादित कुल क्षमता डिस्कॉम द्वारा अधिसूचित क्षमता से अधिक है, तो एमएनआरई द्वारा निर्देशित बोली मार्ग का अनुसरण किया जाएगा। यहां बोली लगाने के लिए सीलिंग टैरिफ फिट किया जायेगा ।
  • भारत सरकार डिस्कॉम को 40 पैसे प्रति kWh या 6.60 लाख रुपये प्रति मेगावाट प्रति वर्ष (जो भी कम हो) की दर से प्रोक्योरमेंट बेस्ड इंसेंटिव (PBI) की पेशकश करेगी। पीबीआई को संयंत्र के वाणिज्यिक संचालन की तिथि से 5 साल के लिए दिया जाएगा।
  • पट्टा किराया सीधे किसानों/भूस्वामियों के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
  • राज्य नोडल एजेंसियां ​​(SN) डिस्कॉम, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों और किसानों के समन्वय से इस योजना को लागू करेंगी।

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घटक बी और इसका कार्यान्वयन

(घटक बी के अंतर्गत 17.50 लाख स्टैंडअलोन सौर पंप स्थापित किए जाएंगे)

  • कृषि भूमि के मामले में जहां बिजली का कोई स्रोत नहीं है, व्यक्तिगत किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों को 7.5 एचपी क्षमता के स्टैंडअलोन सौर पंप के साथ बदलने के लिए समर्थन मिलेगा।
  • केंद्र सरकार बेंचमार्क लागत का 30% या निविदा लागत का 30% (दोनों में से कम एक) केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) प्रदान करेगी।
  • राज्य सरकार वित्तीय सहायता (बेंचमार्क लागत का 30%) भी प्रदान करेगी। इसलिए किसानों को स्टैंडअलोन सोलर पंप की लागत का केवल 40% भुगतान करना होगा। हालांकि, किसान लागत के 30% तक का बैंक वित्त प्राप्त कर सकते है। इस प्रकार किसानों को शुरू में केवल 10% लागत वहन करना होगा ।
  • यदि भविष्य में क्षेत्र को ग्रिड के साथ सुविधा प्रदान की जाती है, तो स्टैंडअलोन पंपों द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा सकती है और किसान इससे कुछ अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
  • सीएफए का 2% कार्यान्वयन एजेंसी – डिस्कॉम, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग या किसी अन्य विभाग को सेवा शुल्क के रूप में दिया जाएगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा नामित किया गया है।
  • SECI, EESL या इसी तरह की अन्य एजेंसियां ​​पंपों/पैनलों/नियंत्रकों की केंद्रीकृत खरीद के लिए जिम्मेदार होंगी।

घटक सी और इसका कार्यान्वयन

  • घटक सी के अंतर्गत सरकार द्वारा 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है|
  • इस स्कीम के अंतर्गत किसानों को उनके ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलराइज करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • सोलराइज्ड पंपों के माध्यम से किसान अपनी सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही  अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेच सकते हैं।
  • सीएफए का 2% कार्यान्वयन एजेंसी (डिस्कॉम, जेनको या राज्य सरकार द्वारा नामित कोई अन्य विभाग) को सेवा शुल्क के रूप में दिया जाएगा।

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