निराई गुड़ाई किसे कहते हैं | निराई गुड़ाई कैसे करते है | मशीन के बारे में जानकारी

निराई गुड़ाई से संबंधित जानकारी

भारत को एक कृषि प्रधान देश के रूप में जाना जाता है, और यहाँ की अधिकांश जनसँख्या खेती और इससे सम्बंधित उद्योगों पर आश्रित है| भारत में प्रतिवर्ष विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन किया जाता है| कभी-कभी वातावरण अनुकूल न होनें तथा अन्य कारणों से फसलों के उत्पादन में भारी कमीं हो जाती है | हालाँकि किसान अपनी फसल के बेहतर उत्पादन के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य करते है, जिसमें से निराई गुड़ाई भी शामिल है | 

किसी भी फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ानें के लिए फसल को बोनें के उपरांत निराई – गुड़ाई करना अत्यंत आवश्यक होता है |  निराई – गुड़ाई किसे कहते हैं, निराई – गुड़ाई कैसे करते है और इससे सम्बंधित मशीन के बारे में आपको यहाँ जानकारी दी जा रही है |

निराई गुड़ाई किसे कहते हैं

अक्सर हम देखते है, कि खाली पड़ी हुई भूमि या खेतों घास-फूस के आलावा विभिन्न प्रकार के पौधे अपनें आप ही उग आते है | ठीक उसी प्रकार जब किसानों द्वारा फसल उत्पादन के लिए बुवाई की जाती है, तो उस फसल के पौधों के साथ ही विभिन्न प्रजातियों के जैसे- दूबघास, पत्थरचटा, कनकवा, मकोय, हजारदाना, जंगली चौलाई, जंगली जूट, कालादाना, सफेद मुर्ग, गोखरू, अगेव आदि उग आते है, जिन्हें हम आम भाषा में खरपतवार कहते है | 

इस प्रकार के खरपतवारों के पनपने से फसल की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में कमी आ जाती है। किसानों द्वारा इस प्रकार के खरपतवारों को खेतों से हटाना या नष्ट करना ही निराई – गुड़ाई कहलाता है | दरअसल खेतों में स्वतः उगनें पर यदि इन्हें समय रहते नहीं हटाया जाता है, तो यह फसल की पैदावार में भारी कमीं हो जाती है |       

निराई – गुड़ाई कैसे करते है

निराई – गुड़ाई अर्थात खरपतवार को खेतों से हटाना या उन्हें नष्ट करना कृषि में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव फसलों के उत्पादन पर पड़ता है | दरअसल यह ऐसे पौधें या घास-फूस होते है, जो किसी भी फसल के साथ अनचाहे रूप से उग आते हैं और फसल को नष्ट कर देते हैं | खेतों में इस प्रकार की अनचाही घास-फूस या पौधों को हटानें के लिए किसानों को बहुत अधिक परिश्रम करना पड़ता है | हालाँकि किसान अपनें खेतों में निराई – गुड़ाई का कार्य 3 प्रकार से करते है, जो इस प्रकार है-

  • खुरपे, कुदाल और अन्य कृषि यंत्रों की सहायता से
  • विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर
  • मशीन द्वारा खरपतवार को हटाना   

एक निश्चित समय के दौरान खुरपे और अन्य कृषि यंत्रों की सहायता से उन्हें हटाते है | हालाँकि इस कार्य के लिए किसानों को बहुत अधिक परिश्रम करना पड़ता है | वर्तमान समय में घास-फूस या खरपतवार को नष्ट करनें के लिए किसानों द्वारा कई विधियाँ प्रयोग की जाती है | कई किसान इसके लिए विभिन्न प्रकार के रासायनों का प्रयोग करते है और कई किसान खरपतवार को हटानें के लिए मशीनों का उपयोग करते है | 

एक सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्यादातर किसान खेतों में निराई गुड़ाई करनें की अपेक्षा रासायनों का प्रयोग सबसे अधिक करते है, क्योंकि इसमें किसानों का कार्य सरलता से बहुत ही कम समय में हो जाता है| हालाँकि खेतों में रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल फसल और भूमि दोनों के लिए हानिकारक है|

आज के तकनीकी दौर में लगभग सभी क्षेत्रों में कार्य करनें के लिए मशीनों को उपयोग में लाया जाता है| इसी प्रकार कृषि के क्षेत्र में भी खेतों की जुताई से लेकर फसलों के बोनें तक मशीनों का प्रयोग किया जाता है| निराई गुड़ाई के लिए भी आज बाजार में विभिन्न प्रकार की मशीनें उपलब्ध है, जिसका उपयोग किसानों द्वारा किया जा रहा है | आपको बता दें, कि रसायनों के अपेक्षा मशीनों से निराई – गुड़ाई करना अधिक बेहतर माना जाता है |

निराई गुड़ाई से सम्बंधित मशीनों की जानकारी

हमारे देश में अधिकांश कृषक परंपरागत रूप से खेती करते आ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें खेती करनें में धन के साथ-साथ अधिक परिश्रम करना पड़ता है| हालाँकि जानकारी के अभाव और धन की कमीं के चलते वह इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते है| आज हम आपको निराई- गुड़ाई के लिए उपयोग किये जानें वाले यंत्रों के बारें में जानकारी दे रहे है, जो इस प्रकार है-

1. पॉवर वीडर

पॉवर वीडर नाम की यह मशीन आकार में छोटी होती है, जिसके कारण इसे बहुत ही आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है| मार्केट में यह मशीन एक स्ट्रोक और दो स्ट्रोक के मॉडल में उपलब्ध है |  यदि हम इसकी पावर क्षमता की बात करे, तो छोटे वीडर की पॉवर क्षमता 1.5 से 5 HP होती है और दो स्ट्रोक इंजन की क्षमता 25 से 50 CC होती है। सबसे ख़ास बात यह है, कि यह 1 लीटर इंधन में लगभग 60 से 80 मिनट तक चलती है|

छोटे पावर वीडर की कीमत लगभग 10 हजार से लेकर 50 हजार तक तथा मध्यम या बड़े पावर वीडर की कीमत 55 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपए तक होती है| यदि आप अपग्रेड और एडवांस तकनीक से लैस पावर वीडर खरीदना चाहते है, तो इसकी कीमत 1 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रूपये तक होती है| 

2. पूसा वीडर

निराई-गुड़ाई करनें वाली इस मशीन का वजन मात्र 8 किलोग्राम होता है और इसकी कीमत भी कैफ कम है, जिसके कारण इसके सभी किसान भाई आसानी से खरीद सकते है | इस मशीन में लगे हैंडल की सहायता से आप इसे अपनी सुविधानुसार घुमा सकते है |   

3. पूसा 4 पहिए का वीडर

निराई-गुड़ाई करने के लिए इस मशीन से आप लगभग 40 सेंटीमीटर या उससे अधिक कतार से कतार की दूरी वाली फसलों की गुड़ाई कर सकते हैं। इस मशीन का भार लगभग 12 किलोग्राम होता है। इस मशीन का निर्माण भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली द्वारा किया गया है| इस मशीन को एक व्यक्ति द्वारा खड़े होकर चलाया जाता है| 

4. पावर टिलर चालित यंत्र

निराई – गुड़ाई करनें वाली इस मशीन को 8-10 हार्स पावर के टिलर के साथ जोड़ कर चला जाता है। यदि हम इस यन्त्र की कीमत की बात करे, तो इसकी कीमत लगभग 18 हजार से लेकर 20 हजार रुपये के बीच होती है|  इस कृषि यन्त्र का निर्माण केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल, मध्य प्रदेश द्वारा किया गया है|